हर हर महादेव क्यों बोला जाता है?

जब श्रृष्टि में सकारात्मक ऊर्जा का जन्म हुआ था, साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का जन्म भी हुआ था, लेकिन व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जा का सामना न करके महादेव को अपनी रक्षा करने के लिए बुलाते थे। इसके लिए महादेव ने सभी मनुष्यों को उनकी शक्ति से परिचित कराने के लिए हर हर महादेव का जाप किया था। जिसका अर्थ है, महादेव सभी के हैं और सभी महादेव हैं। अर्थात सभी बलशाली हैं। इसलिए महादेव की प्रतीक्षा करने से अच्छा है, अपने अंदर के महादेव को जाग्रत कर नकारात्मक ऊर्जा का नाश करें।

महादेव का दूसरा अर्थ नाश भी है। ऋग्वेद में जीवन का सार विस्तार से बताया गया है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव परम चेतना हैं और आत्मा ही शिव है। हर हर महादेव से आशय है हर चीज में महादेव का वास है। व्यक्ति के भीतर भी महादेव विराजते हैं।

हर हर महादेव का अर्थ क्या है।

हर हर से आश्य है, नष्ठ करना। इसका अर्थ यह है कि शिव जी के आराधक अपने अंदर सारे दोषों को नष्ट करें।

दूसरा अर्थ यह है कि महादेव शिव हर किसी के दोष हर लेते है और सभी दोषों को पवित्र कर देते हैं। महादेव की पूजा मात्र करने से ही सभी कष्ट दूर हो सकते हैं और व्यक्ति को मनवांछित फल की भी प्राप्ति होती है। इसलिए महादेव के भक्तों द्वारा हर हर महादेव का जाप किया जाता है।

हर हर महादेव बोलना स्वयं को समर्पित करना

पूजा के दौरान जैसे ही हर हर महादेव बोलते हैं, तो वैसे ही सभी लोग अपने हाथों को उठाकर हर हर महादेव का जयकारा लगाते हैं। ऐसा करते समय भक्त अपने आपको भगवान शिव को समर्पित कर देते हैं। भक्त चाहते हैं कि भगवान शिव भक्तों की सभई परेशानियां दूर कर दें और उन्हें मोक्ष का वरदान दें।

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