Gita Updesh : किसी को नहीं बताना चाहिए अपने राज, हो सकता है नुकसान

Gita Updesh : सनातन धर्म में कई सारे ग्रंथ हैं, जिनमें से एक श्रीमद्भगवद्गीता भी है जोकि भगवान श्री कृष्णा और अर्जुन के बीच हुई बातचीत का विस्तार है। जैसा कि हम सभी जानते हैं महाभारत का युद्ध अपनों के बीच ही लड़ा गया था, जिसे शुरू करने से पहले अर्जुन अपनों के खिलाफ शस्त्र नहीं उठाना चाह रहे थे। वह काफी दुविधा में थे, इसे दूर करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को जीवन का रहस्य बताया और विश्व रूप को उनके सामने प्रकट किया। बता दें कि इस ग्रंथ में कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है। इन्हें अपनाकर मनुष्य मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। इसमें 800 अध्याय और 700 श्लोक हैं, जिसे संस्कृत भाषा में लिखा गया है लेकिन आज इसका अनुवाद हिंदी, इंग्लिश के अलावा कई अन्य भाषाओं में भी किया जा चुका है। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिए गए कुछ अनमोल उपदेशों के बारे में बताएंगे।

गीता उपदेश के अनमोल वचन

गीता उपदेश के दौरान भगवान श्री कृष्ण ने यह बताया है कि हर किसी को अपने राज नहीं बताना चाहिए, क्योंकि जो आज आपके साथ है जरूरी नहीं कि वह कल भी आपके साथ ही रहे। इससे आपको आगे चलकर बड़ा नुकसान हो सकता है।

माधव ने गीता उपदेश के दौरान यह बताया था कि इंसान को कभी भी दो चीजों पर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए। जिनमें पहला पैसा और दूसरा सूरत है। दरअसल, गरीबी आने में देर नहीं लगती और चेहरा किसी हादसे में बदलते जरा भी वक्त नहीं लगता।

माधव के अनुसार, दुनिया की सबसे महंगी चीज भरोसा होती है। जिसे बनाने में वक्त लग जाता है, लेकिन जिस गंवाने में चंद सेकंड भी नहीं लगता। इसलिए कभी भी किसी के साथ छल ना करें।

भगवान श्री कृष्ण ने गीता उपदेश के दौरान यह बताया है कि पतझड़ हुए बिना पेड़ों में नए पत्ते नहीं आते। ठीक उसी तरह जीवन में बिना संघर्ष के अच्छे दिन नहीं आते। इसलिए इंसान को हर परिस्थिति में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि डटकर उसका सामना करना चाहिए।

भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि हर किसी की जीवन में समस्याएं आती है, लेकिन इंसान खुद की समस्या को सबसे बड़ी समस्या समझता है। इस कारण वह अत्यधिक परेशान रहता है।

गीता उपदेश के दौरान भगवान श्री कृष्ण ने इस बात का जिक्र किया है कि जो लोग सच्चे रिश्ते निभाते हैं, उनकी कदर कभी नहीं होती, लेकिन जो लोग रिश्ते निभाने का दिखावा करते हैं, उनकी हमेशा कदर की जाती है। इसलिए अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो अपनी यह आदत बदल दें।

भगवान श्री कृष्ण के अनुसार, इंसान को हमेशा यह सोचकर खुश रहना चाहिए की जो था वह अच्छा था, जो बाकी है वह बेहतर है और जो आगे चलकर मिलेगा वह बेहतरीन होगा।

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